भारत सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य देशभर के घरों को किफायती और सतत ऊर्जा समाधान प्रदान करना है। 15 फरवरी 2024 को घोषित इस योजना के तहत छत पर सौर पैनल लगाने को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे एक करोड़ (10 मिलियन) परिवारों को प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी।
यह पहल नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने और ऊर्जा सुरक्षा के साथ नागरिकों को सशक्त बनाने के भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। ₹75,021 करोड़ के बजट के साथ, यह योजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आवासीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए कई प्रोत्साहन प्रदान करती है।
1. घरों के लिए मुफ्त बिजली
इस योजना की सबसे आकर्षक विशेषता यह है कि प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रत्येक परिवार को सालाना लगभग ₹18,000 की बचत होगी।
2. सौर पैनल लगाने पर सरकारी सब्सिडी
सरकार सौर ऊर्जा को सुलभ बनाने के लिए सौर पैनल की लागत पर 40% तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। सब्सिडी की संरचना इस प्रकार है:
- 1 किलोवाट सिस्टम: ₹18,000 सब्सिडी (सब्सिडी के बाद लागत: ₹72,000)
- 2 किलोवाट सिस्टम: ₹36,000 सब्सिडी (सब्सिडी के बाद लागत: ₹1,44,000)
- 3 किलोवाट या अधिक: 3 किलोवाट तक ₹78,000 सब्सिडी और 3 किलोवाट से अधिक के लिए प्रति किलोवाट ₹6,000 अतिरिक्त सब्सिडी (अधिकतम सब्सिडी ₹1,20,000)
यह सब्सिडी सुनिश्चित करती है कि निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवार भी बिना अधिक वित्तीय बोझ के सौर ऊर्जा का लाभ उठा सकें।
3. सरल और पारदर्शी प्रक्रिया
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया है ताकि अधिक लोग इसमें भाग ले सकें। नागरिक पीएम सूर्य घर योजना पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अनुमोदन के बाद, मान्यता प्राप्त विक्रेताओं द्वारा सौर पैनल स्थापित किए जाते हैं, और सब्सिडी राशि 30 दिनों के भीतर सीधे आवेदक के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
4. कार्यान्वयन रणनीति
इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की है, जबकि ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC) को राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। राज्यों में DISCOMs (डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों) और पावर/ऊर्जा विभागों को योजना लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
5. पर्यावरण और आर्थिक प्रभाव
इस योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा अपनाने से:
- कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, जिससे भारत के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
- गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी, जिससे ऊर्जा सुरक्षा में वृद्धि होगी।
- राष्ट्रीय स्तर पर बिजली की लागत में ₹75,000 करोड़ सालाना की बचत होगी।

Pradhan Mantri Surya Ghar Muft Bijli Yojana पात्रता मानदंड
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
- भारतीय नागरिक होना चाहिए
- ऐसे घर का मालिक होना चाहिए, जिसकी छत पर सौर पैनल लगाए जा सकें
- सक्रिय बिजली कनेक्शन होना चाहिए
- पहले किसी अन्य सौर पैनल सब्सिडी योजना का लाभ नहीं लिया हो
यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों परिवारों के लिए खुली है, जिससे इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
कैसे करें आवेदन?
आवेदन प्रक्रिया सरल और सुगम बनाई गई है। नीचे आवेदन करने की चरणबद्ध प्रक्रिया दी गई है:
चरण 1: पंजीकरण करें
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- अपना नाम, आधार नंबर, बिजली कनेक्शन और बैंक खाते का विवरण भरें।
चरण 2: विक्रेता (वेंडर) का चयन करें
- वेबसाइट पर सूचीबद्ध मान्यता प्राप्त विक्रेता (वेंडर) का चयन करें।
चरण 3: सौर पैनल स्थापना
- विक्रेता द्वारा सौर पैनल स्थापित किए जाते हैं।
- DISCOMs निरीक्षण और सत्यापन करते हैं।
चरण 4: सब्सिडी प्राप्त करें
- सत्यापन पूरा होने के बाद, 30 दिनों के भीतर सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
योजना की प्रगति और लक्ष्य
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जनता से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। दिसंबर 2024 तक:
- 1.45 करोड़ पंजीकरण पूरे हो चुके हैं।
- 6.34 लाख से अधिक घरों में सौर पैनल लगाए जा चुके हैं।
सरकार का लक्ष्य 2026-27 तक 1 करोड़ परिवारों को कवर करना है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा योजनाओं में से एक बन जाएगी।
यह योजना क्यों है खास?
1. सभी के लिए किफायती ऊर्जा
यह योजना निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने में मदद करेगी, जिससे उनकी बिजली लागत कम होगी।
2. सौर उद्योग को बढ़ावा
इस पहल से भारत के सौर ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
3. ऊर्जा आत्मनिर्भरता
इससे गैर-नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी, जिससे भारत ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर अग्रसर होगा।
4. सतत विकास और जलवायु संरक्षण
यह पहल पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए एक बड़ा कदम है।
चुनौतियाँ और समाधान
हालांकि यह योजना काफी लाभकारी है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी हैं:
- प्रारंभिक लागत: सब्सिडी के बाद भी कुछ परिवारों को आरंभिक लागत चुकाना मुश्किल हो सकता है।
- ग्रिड एकीकरण: अतिरिक्त सौर ऊर्जा को ग्रिड में जोड़ने की तकनीकी समस्याएँ बनी हुई हैं।
- जागरूकता की कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के बारे में जानकारी और आवेदन प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए:
- बैंकों के माध्यम से आसान वित्तीय विकल्प उपलब्ध करा रही है।
- ग्रिड अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयास कर रही है।
- जन-जागरूकता अभियान चला रही है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह योजना सौर ऊर्जा को किफायती, आकर्षक और सुलभ बनाकर नागरिकों को सशक्त कर रही है।
सरकार की सशक्त नीति और ठोस समर्थन से यह योजना भारत के ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है और वैश्विक स्तर पर एक मिसाल कायम कर सकती है।

Pankaj Kumar is a journalist at Chandigarh X, covering admit cards, recruitment, and government schemes. His articles provide readers with detailed insights into application processes, eligibility, and exam updates.
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