प्रधान मंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत में गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता प्रणाली बनी हुई है। मातृ मृत्यु दर को कम करने और शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस योजना में 2025 में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिसमें संशोधित लाभ और वित्तीय सहायता में वृद्धि शामिल है।
PMMVY 2025 का अवलोकन
PMMVY एक केंद्र प्रायोजित मातृत्व लाभ योजना है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लागू किया गया है। यह योजना गर्भावस्था के दौरान मजदूरी की हानि की भरपाई करने और संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने के लिए पात्र महिलाओं को सीधे नकद सहायता प्रदान करती है।
PMMVY 2025: योजना का संक्षिप्त विवरण
विशेषता | विवरण |
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योजना का नाम | प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) |
शुरुआत का वर्ष | 2017 |
लागू करने वाली संस्था | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय |
मुख्य उद्देश्य | गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना, ताकि बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें |
लाभार्थी | गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं (पहला बच्चा और दूसरा बच्चा यदि लड़की हो) |
भुगतान का तरीका | आधार से लिंक बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) |
आधिकारिक वेबसाइट | pmmvy.wcd.gov.in |
कुल लाभार्थी (2025 तक) | 53.76 लाख से अधिक महिलाएं |
PMMVY 2025 में प्रमुख बदलाव
1. ओडिशा की ममता योजना के साथ विलय
2025 में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में, ओडिशा सरकार ने अपनी ममता योजना को PMMVY के साथ एकीकृत कर दिया है। इस विलय से वित्तीय लाभ बढ़ गए हैं:
- पुत्र के जन्म पर ₹10,000 दिए जाएंगे।
- पुत्री के जन्म पर ₹12,000 दिए जाएंगे।
इस बदलाव का उद्देश्य लिंग भेदभाव को कम करना और कन्या संतान के जन्म को प्रोत्साहित करना है। इस निर्णय के बारे में अधिक जानकारी के लिए न्यू इंडियन एक्सप्रेस पढ़ें।
2. संशोधित भुगतान प्रणाली और लाभ की संरचना
- डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया गया है, जिससे भुगतान तेजी से हो सके।
- भुगतान अब आधार लिंक बैंक खातों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और देरी कम होगी।
- महिलाएं अपने भुगतान की स्थिति PMMVY लाभार्थी पोर्टल पर देख सकती हैं।
3. लाभार्थी कवरेज का विस्तार
सरकार ने PMMVY के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाए हैं, जिससे योजना अधिक महिलाओं तक पहुंच सके।
- पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
- अधिक आंगनवाड़ी केंद्र (AWCs) और स्वास्थ्य सुविधाएं अब PMMVY पंजीकरण की सुविधा प्रदान कर रही हैं।
PMMVY 2025: लाभ का सारांश
श्रेणी | वित्तीय लाभ |
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पहला बच्चा | ₹5,000 (JSY के तहत कुल ₹6,000 तक) |
दूसरा बच्चा (यदि लड़की हो) | ₹6,000 |
ओडिशा में पुत्र के लिए | ₹10,000 |
ओडिशा में पुत्री के लिए | ₹12,000 |
भुगतान का तरीका | डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) |
लाभार्थी संख्या (2025 तक) | 53.76 लाख |
PMMVY 2025 के लिए पात्रता
- गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं, जो केंद्र/राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत नहीं हैं।
- पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को स्वचालित रूप से लाभ मिलेगा।
- दूसरी बार मां बनने पर लाभ केवल तब मिलेगा जब बच्ची का जन्म होगा।
- आवेदक को भारतीय नागरिक होना चाहिए और वैध आधार कार्ड व बैंक खाता होना आवश्यक है।

PMMVY के लिए आवेदन कैसे करें?
1. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- PMMVY आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- आधार लिंक विवरण का उपयोग करके पंजीकरण करें।
- आवश्यक दस्तावेज (आधार, बैंक विवरण, चिकित्सा रिपोर्ट) अपलोड करें।
2. ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र (AWC) या अनुमोदित स्वास्थ्य सुविधा पर जाएं।
- PMMVY आवेदन फॉर्म भरें।
- फॉर्म के साथ आधार कार्ड, गर्भावस्था प्रमाण और बैंक पासबुक की प्रति जमा करें।
PMMVY का प्रभाव: मातृ स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव
इस योजना की शुरुआत के बाद से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है। प्रमुख लाभों में शामिल हैं:
- बेहतर पोषण – वित्तीय सहायता से महिलाओं को पौष्टिक भोजन खरीदने में मदद मिलती है।
- संस्थागत प्रसव में वृद्धि – अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिला है।
- शिशु कुपोषण में कमी – नवजात बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है।
2024 में नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, PMMVY के कारण ग्रामीण भारत में संस्थागत प्रसव की दर में 12% की वृद्धि हुई है।
PMMVY 2025 की चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
चुनौतियां:
- भुगतान में देरी – कुछ लाभार्थियों को प्रशासनिक कारणों से भुगतान मिलने में विलंब होता है।
- जागरूकता की कमी – ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं इस योजना के बारे में अब भी नहीं जानती हैं।
- दूसरी संतान के लिए सीमित कवरेज – केवल लड़की के जन्म पर लाभ दिया जाता है, जिसे कुछ लोग असमान मानते हैं।
भविष्य की योजनाएं:
- डिजिटलीकरण – पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बनाने की योजना है।
- लाभार्थी विस्तार – सरकार PMMVY का लाभ पहली संतान के अलावा अन्य महिलाओं तक भी पहुंचाने पर विचार कर रही है।
- निजी क्षेत्र के साथ भागीदारी – NGOs और निजी अस्पतालों के सहयोग से योजना की पहुंच बढ़ाई जाएगी।
निष्कर्ष
PMMVY 2025 में ओडिशा की ममता योजना के एकीकरण और दूसरी संतान के लिए बढ़े हुए लाभ के साथ भारत की सबसे प्रभावी मातृत्व स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बनी हुई है।
ताज़ा अपडेट के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय या PMMVY के ट्विटर हैंडल पर जाएं।

Pankaj Kumar is a journalist at Chandigarh X, covering admit cards, recruitment, and government schemes. His articles provide readers with detailed insights into application processes, eligibility, and exam updates.
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