शहरी सतत परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, पुणे स्थित स्टार्टअप Vayve Mobility ने Eva, भारत की पहली सोलर-पावर्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), को भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में आधिकारिक रूप से लॉन्च किया। कॉम्पैक्ट डिज़ाइन, पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और कई बैटरी विकल्पों के साथ, ईवा भारत के पर्यावरण-सजग उपभोक्ताओं के लिए शहरी यात्रा को नया रूप देने का वादा करती है।
Vayve Eva 2025 मुख्य विशेषताएं
विशेषता | विवरण |
---|---|
वाहन प्रकार | कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक सिटी कार |
बैठने की क्षमता | 3 (1 ड्राइवर, 2 पीछे यात्री) |
आकार (लंबाई x चौड़ाई x ऊँचाई) | 3,060 मिमी x 1,150 मिमी x 1,590 मिमी |
अधिकतम गति | 70 किमी/घंटा |
मोटर टॉर्क | 40 एनएम |
त्वरण (0–40 किमी/घं.) | 5 सेकंड |
सोलर रेंज योगदान | प्रतिदिन 10 किमी तक (~3,000 किमी/वर्ष) |
बैटरी विकल्प | नोवा (9kWh), स्टेला (12.6kWh), वेगा (18kWh) |
रेंज (वेरिएंट के अनुसार) | क्रमशः 125 किमी, 175 किमी, 250 किमी |
चार्जिंग समय (15A सॉकेट) | अधिकतम 5 घंटे |
डीसी फास्ट चार्जिंग | 10% से 70% तक सिर्फ 15 मिनट में |
इन्फोटेनमेंट | ड्यूल डिस्प्ले, Android Auto/Apple CarPlay |
क्लाइमेट कंट्रोल | हां |
सोलर रूफ (वैकल्पिक) | ₹20,000–₹25,000 अतिरिक्त |
प्री-बुकिंग राशि | ₹5,000; डिलीवरी 2026 के अंत से शुरू |
शहरों के लिए एक कॉम्पैक्ट समाधान
ईवा का डिज़ाइन शहरी ट्रैफिक के अनुरूप अत्यंत कॉम्पैक्ट है। 3,060 मिमी लंबा, 1,150 मिमी चौड़ा और 1,590 मिमी ऊँचा होने के कारण यह वाहन तंग सड़कों और पार्किंग में आसानी से समा जाता है। इसका पैनोरमिक ग्लास सनरूफ, जो सोलर पैनल के रूप में भी कार्य करता है, इसे एक विशेष रूप देता है।
इसमें तीन यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है सामने केंद्र में ड्राइवर की सीट और पीछे की ओर दो यात्रियों के लिए बेंच सीट। 13-इंच के टायर इसके हल्के वजन को संतुलित करते हैं और शहर में बेहतर हैंडलिंग प्रदान करते हैं।

सोलर पावर: एक व्यावहारिक विशेषता
ईवा की सबसे अनोखी विशेषताओं में से एक इसका वैकल्पिक रूफ-माउंटेड सोलर पैनल है, जो प्रति दिन लगभग 10 किमी अतिरिक्त रेंज दे सकता है। यानी साल भर में लगभग 3,000 किमी केवल सौर ऊर्जा से चल सकते हैं बिल्कुल मुफ्त।
भारत जैसे धूप-प्रधान देश में, यह एक व्यावहारिक समाधान है। नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार, भारत को औसतन 4–7 kWh प्रति वर्ग मीटर प्रति दिन सौर विकिरण प्राप्त होता है (MNRE.gov.in)।
बैटरी विकल्प और प्रदर्शन
वायवे ईवा तीन बैटरी वेरिएंट्स में उपलब्ध होगी:
- नोवा (9kWh) – 125 किमी रेंज
- स्टेला (12.6kWh) – 175 किमी रेंज
- वेगा (18kWh) – 250 किमी रेंज
यह गाड़ी रियर-व्हील ड्राइव मोटर से चलती है, जो 40Nm का टॉर्क उत्पन्न करती है। वाहन केवल 5 सेकंड में 0 से 40 किमी/घं. की गति पकड़ सकता है।
चार्जिंग के लिए इसमें डीसी फास्ट चार्जिंग की सुविधा है जिससे बैटरी 10% से 70% तक सिर्फ 15 मिनट में चार्ज हो जाती है। वहीं, घरेलू 15A सॉकेट से पूरी चार्जिंग में लगभग 5 घंटे का समय लगता है।
घर में ईवी चार्जिंग की स्थापना के लिए दिशा-निर्देश BEE (beeindia.gov.in) पर उपलब्ध हैं।
इंटीरियर और तकनीकी सुविधाएं
छोटे आकार के बावजूद, ईवा में आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की कोई कमी नहीं है:
- ड्यूल डिजिटल डिस्प्ले
- टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम (Android Auto/Apple CarPlay के साथ)
- 6-वे एडजस्टेबल ड्राइवर सीट
- एयर कंडीशनिंग
- रिवर्स पार्किंग कैमरा
डैशबोर्ड का डिज़ाइन सरल लेकिन आधुनिक है, जो उपयोगकर्ता अनुभव को सहज बनाता है।
कीमत और सब्सक्रिप्शन मॉडल
वायवे ने ईवा के लिए दो प्रकार की खरीद योजनाएं पेश की हैं — फुल परचेज और बैटरी सब्सक्रिप्शन:
वेरिएंट | पूरी कीमत | बैटरी सब्सक्रिप्शन के साथ कीमत |
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नोवा | ₹3.99 लाख | ₹3.25 लाख |
स्टेला | ₹4.99 लाख | ₹3.99 लाख |
वेगा | ₹5.99 लाख | ₹4.49 लाख |
- बैटरी सब्सक्रिप्शन चार्ज: ₹2 प्रति किमी।
न्यूनतम मासिक उपयोग: नोवा – 600 किमी, स्टेला – 800 किमी, वेगा – 1,200 किमी। - सोलर रूफ विकल्प: नोवा और स्टेला के लिए ₹20,000, वेगा के लिए ₹25,000 अतिरिक्त।
- प्री-बुकिंग शुल्क ₹5,000 है और डिलीवरी 2026 के अंत में पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में शुरू होगी। अधिक जानकारी के लिए आप Vayve Mobility, VAHAN, और FAME India Scheme पर देख सकते हैं।
हरित परिवहन की ओर एक कदम
ईवा ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार FAME II, NEMMP, और नेट ज़ीरो 2070 जैसे अभियानों के माध्यम से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से आगे बढ़ा रही है। NITI Aayog की रिपोर्टों के अनुसार, ये पहलें भारत को हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जा रही हैं।
ईवा का फोकस शहरों में छोटी दूरी की यात्रा पर है, और यही इसे खास बनाता है — एक सस्ती, स्वच्छ और नवोन्मेषी मोबिलिटी सॉल्यूशन।
निष्कर्ष
वायवे ईवा सिर्फ एक गाड़ी नहीं है, बल्कि यह भारतीय ईवी क्रांति में एक नया अध्याय है — माइक्रो-मोबिलिटी, सौर ऊर्जा और वास्तविक शहरी जरूरतों का मेल। सरकारी नीतियों और जागरूक उपभोक्ताओं की मदद से, ईवा शहरी भारत की नई पहचान बन सकती है।

Pankaj Kumar is a journalist at Chandigarh X, covering admit cards, recruitment, and government schemes. His articles provide readers with detailed insights into application processes, eligibility, and exam updates.
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